कलाई की मामूली दरार से लेकर बड़ी दुर्घटना तक — मेडिफर्स्ट हॉस्पिटल में फेलोशिप-प्रशिक्षित ट्रॉमा सर्जन टूटी हड्डी को सही बैठाकर फिक्स करते हैं, ताकि हड्डी सीधी जुड़े और आप जल्दी चल-फिर सकें।
चिकित्सकीय समीक्षा: डॉ. कुमार विशाल
Pride of Jharkhand 2025
ऑर्थोपेडिक ट्रॉमा सर्जरीमेडिफर्स्ट हॉस्पिटल · रांची
तेरह साल की ट्रॉमा, जोड़ व स्पोर्ट्स सर्जरी — और मरीज़ जो अपने पैरों पर चलकर लौटते हैं।
फ्रैक्चर यानी हड्डी का टूटना। सीधी, सही बैठी हड्डी अक्सर प्लास्टर या ब्रेस में जुड़ जाती है; खिसकी, अस्थिर या जोड़ तक पहुँची हड्डी को आमतौर पर सर्जरी — प्लेट, स्क्रू या रॉड — से सही जगह रोकना पड़ता है। समय पर सही फिक्सेशन से हड्डी सीधी जुड़ती है और हरकत जल्दी शुरू होती है।
फ्रैक्चर यानी हड्डी में कोई भी टूट — बाल जैसी दरार से लेकर कई टुकड़ों में टूटी या त्वचा से बाहर निकली हड्डी (ओपन फ्रैक्चर) तक। अहम यह नहीं कि हड्डी टूटी है, बल्कि यह कि टुकड़े सही जगह पर हैं या नहीं और टूट स्थिर है या नहीं।
जब अलाइनमेंट अच्छा हो और टूट स्थिर हो, तो प्लास्टर या ब्रेस में हड्डी अपने-आप जुड़ जाती है। जब हड्डी अपनी जगह से हटी, अस्थिर हो या जोड़ तक पहुँचती हो, तो उसे सर्जरी से फिक्स करना पड़ता है — वरना वह टेढ़ी, छोटी या अकड़ी हुई जुड़ सकती है। सही फ़ैसला आपकी X-ray, चोट और रोज़मर्रा की ज़िंदगी देखकर होता है।

बड़ा ट्रॉमा शायद ही सिर्फ़ एक टूटी हड्डी हो। मेडिफर्स्ट हॉस्पिटल में इमरजेंसी, ICU, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक टीम एक ही छत के नीचे काम करती हैं, ताकि पॉली-ट्रॉमा मरीज़ को अस्पताल-दर-अस्पताल भटकाए बिना स्थिर कर इलाज मिले। हड्डी, कूल्हा व जोड़ की मरम्मत का नेतृत्व डॉ. विशाल करते हैं।
एक ही जगह, एक तालमेल वाली योजना — ज़िंदगी के सबसे तनावभरे घंटों में परिवार को अस्पताल-दर-अस्पताल भागना न पड़े।
फ्रैक्चर हमेशा साफ़ नहीं दिखता। चोट के बाद इनमें से कुछ भी दिखे तो जल्दी ऑर्थोपेडिक सर्जन को दिखाएँ।
अगर दुर्घटना में सिर या मस्तिष्क की चोट, बेहोशी, छाती की चोट, या अंगों में सुन्नपन-कमज़ोरी हो, तो यह मेडिकल इमरजेंसी है और सबसे पहले आती है। मेडिफर्स्ट में इन्हें इमरजेंसी, ICU व न्यूरोसर्जरी टीम तुरंत संभालती है, और डॉ. विशाल साथ-साथ हड्डी, जोड़ व कूल्हे की चोट की मरम्मत करते हैं। इंतज़ार न करें और WhatsApp पर निर्भर न रहें — अभी इमरजेंसी विभाग पहुँचें।
क्या पक्का नहीं कि सर्जरी की ज़रूरत है? अपनी X-ray WhatsApp पर भेजें — ईमानदार राय पाएँ।बस चैट में अपनी X-ray की फ़ोटो भेज दें।
इलाज दर्द से राहत, सही X-ray (जटिल जोड़ों के लिए CT) और एक साफ़ योजना से शुरू होता है। स्थिर टूट को अच्छी तरह ढाले प्लास्टर या ब्रेस में बैठाकर सुरक्षित किया जाता है और दोबारा देखा जाता है ताकि सूजन उतरने पर स्थिति बनी रहे।
जब सर्जरी ज़रूरी हो, हड्डी को प्लेट, स्क्रू या इंट्रामेड्युलरी रॉड से भरोसेमंद इम्प्लांट और, जहाँ मुमकिन हो, कम-चीरे वाली तकनीक से फिक्स किया जाता है। मक़सद है — हड्डी सीधी जुड़े और जोड़ जल्दी हिलने लगे, ताकि अकड़न और लंबे समय की कमज़ोरी से बचा जा सके।
डॉ. विशाल आपकी अपनी X-ray या MRI दिखाकर समझाते हैं कि ठीक क्या हो रहा है, और हर विकल्प — सर्जरी व बिना सर्जरी — सामने रखते हैं, ताकि फ़ैसला आपका ही रहे।
हड्डी जुड़ने में हफ़्ते लगते हैं — रास्ता आमतौर पर ऐसा रहता है, पर हड्डी और चोट के हिसाब से बदलता है।
दर्द व सूजन नियंत्रित होती है; फ्रैक्चर प्लास्टर में बैठाया या सर्जरी में फिक्स कर सुरक्षित किया जाता है।
अकड़न रोकने को पास के जोड़ों की निर्देशित हरकत शुरू होती है, सलाह के मुताबिक़ वज़न देना।
X-ray में हड्डी जुड़ती दिखती है; सहारा घटाकर धीरे-धीरे बोझ बढ़ाया जाता है।
ज़्यादातर फ्रैक्चर मज़बूती से जुड़ जाते हैं; फिज़ियोथेरेपी से ताक़त व पूरी सक्रियता लौट आती है।
जब हड्डी टूटती है, तो पहला सर्जन ही तय करता है कि वह कितनी अच्छी तरह जुड़ेगी। डॉ. कुमार विशाल रांची, झारखंड के ऑर्थोपेडिक व ट्रॉमा सर्जन हैं और मेडिफर्स्ट हॉस्पिटल में डायरेक्टर हैं। ऑर्थोपेडिक सर्जन चुनना परिवार के सबसे अहम स्वास्थ्य फ़ैसलों में से एक है — और झारखंड भर के हज़ारों लोगों के लिए वह चुनाव डॉ. विशाल रहे हैं।
13+ साल के अनुभव और 800+ सर्जरी के साथ, वे घुटना व कूल्हा रिप्लेसमेंट, आर्थ्रोस्कोपी, स्पोर्ट्स इंजरी, अर्थराइटिस और जटिल ट्रॉमा व फ्रैक्चर के लिए रांची के सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जनों में गिने जाते हैं। वे जोड़ रिप्लेसमेंट व आर्थ्रोस्कोपी में फेलोशिप-प्रशिक्षित हैं और 10,000+ मरीज़ों का इलाज कर चुके हैं — उन फ्रैक्चरों समेत जिन्हें दूसरे अस्पतालों ने लौटा दिया था।
जो उन्हें अलग बनाता है वह है ईमानदार, बिना जल्दबाज़ी की देखभाल — हर मरीज़ को ख़ुद जाँचना, हालत साफ़ समझाना, और सच बताना कि सर्जरी वाक़ई ज़रूरी है या फिज़ियोथेरेपी, दवा या आराम बेहतर रहेगा।
240+ रिव्यू Google पर सार्वजनिक रूप से पोस्ट किए — नाम वैसे ही जैसे वहाँ हैं। हम कभी मनगढ़ंत प्रशंसापत्र नहीं बनाते।
"मेरी जांघ की हड्डी टूट गई थी और हड्डी बाहर निकल आई थी। डाल्टनगंज के डॉक्टरों ने कहा पैर नहीं बचेगा। डॉ. विशाल ने मेडिफर्स्ट में मेरा इलाज किया — 3–4 सर्जरी — और आज, टाँके हटने के 15 दिन बाद, मैं अपने पैर पर चल रहा हूँ। वे मेरे लिए भगवान जैसे हैं।"
Google पर पढ़ें"मेरे भाई का पैर टूट गया था। एक और अस्पताल ने उसे हफ़्ते भर ICU में रखा और बेवजह बिल बढ़ाता रहा। डॉ. विशाल ने रिपोर्ट देखकर बताया कि पेट या सिर में कोई चोट नहीं है, फ्रैक्चर का ऑपरेशन किया — और 10 दिन बाद मेरा भाई ठीक है। उनकी सलाह सच्ची है।"
Google पर पढ़ें"मेरे पैर में फ्रैक्चर था और विशाल सर ने ऑपरेशन किया। रॉड डाली गई, और अब मैं बिलकुल ठीक हूँ — फिर से चलने की अनुमति मिल गई। बहुत-बहुत धन्यवाद सर। रांची, झारखंड के सर्वश्रेष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन।"
Google पर पढ़ेंऔर सवाल हैं? डॉ. विशाल की टीम से बात करें — रिपोर्ट लाएँ, योजना लेकर जाएँ।
यह पेज सामान्य शैक्षिक जानकारी है, व्यक्तिगत परामर्श का विकल्प नहीं। नतीजे और रिकवरी हर व्यक्ति में अलग होती है; इलाज की योजना जाँच के बाद ही तय होती है।
अपने दर्द का सीधा जवाब पाइए — और उसे ठीक करने की साफ़ योजना। अपनी रिपोर्ट भेजिए या WhatsApp पर संदेश कीजिए, और डॉ. विशाल की टीम आपके लिए सही समय व क्लिनिक बुक करने में मदद करती है, अक्सर उसी दिन।